💐पत्थर💐

💐 * पत्थर*💐
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
आज जो तस्वीर लोगों के आकर्षण
का केंद्र है, जिसे निहार लोग कारीगिरी
की तारीफ कर रहे हैं ,वह कहीं किसी राह
पर पड़ा पत्थर ही था ।
किसी की खुबसूरत सोच ने और मेहनत ने उस
पत्थर को भगवान बना दिया ।

* जिस तस्वीर को तराशने में जितना
* अधिक समय लगता है ,वह तस्वीर उतनी ही सुन्दर बनती है ।
पत्थर को भी मजबूत होना पड़ता है तरशने के लिये
* ना जाने कितने युग बीत जाते हैं ,तरशने की हद से गुजरने के लिए
*कर्मों के बीज बोते रहो ,
*समय आने पर ही फ़सल होगी।

बीज डालने के बाद फल आने में समय
लगता है ,समय से पहले फल की चाह करना
मतलब कच्चे फल खाने जैसा हुआ।

सफलता की चाह रखने वालों की
राहें बेशक़ आज फूलों से सजी होंगी
परन्तु उन्होंने भी एक लंबा सफ़र पत्थर सी
मुश्किल राहों पर होके गुजारा होगा ।
तराशे गये ,तो कामयाब ,नही तो जिन्दगी की
राहों का तजुर्बा तो मिलेगा ।

काबिल बनना आवयशक है ,
काबलियत झक मार के पीछा करेगी ।**

टिप्पणियाँ

  1. सही कहा। सफलता पाने के लिए मेहनत करना जरूरी है।

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  2. आपकी लिखी रचना "मित्र मंडली" में लिंक की गई है http://rakeshkirachanay.blogspot.in/2017/04/14.html पर आप सादर आमंत्रित हैं ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका आभार और धन्यवाद आदरणीय "राकेश कुमार श्रीवस्तव राही जी" मेरी रचना को मित्र मंडली में जगह देने के लिये ।

    उत्तर देंहटाएं
  4. काबलियत जरूरी है ...
    सच कहा है .... सफलता जरूरो आती है अगर महनत और काबलियत है ...

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  5. मानव को धैर्य का महत्त्व बताती रचना सुन्दर ! परन्तु आज के वातावरण में इंसान सबकुछ सरलता से प्राप्त करने की कोशिश करता है, परिणामस्वरुप अंधकारमय संसार की ओर अग्रसर , दुःख से घिर जाता है।

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  6. पत्थरों के प्रति सकारात्मकता के भाव-विचार का निर्माण एक लीक से हटकर चलता साहसी प्रयास है जिसकी सराहना अवश्य की जानी चाहिए।

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